मोटापा (Obesity)
डॉ. संजय अनबु, MBBS द्वारा लिखित और चिकित्सकीय रूप से समीक्षित
हिंदी अनुवाद की समीक्षा: 2026-11-05मोटापा (Obesity) का मतलब है शरीर में इतनी ज़्यादा चर्बी होना कि सेहत को नुकसान हो; इसे आमतौर पर BMI (बॉडी मास इंडेक्स) से आंका जाता है। इससे डायबिटीज़ (Diabetes), दिल की बीमारी और कई दूसरी बीमारियों का ख़तरा बढ़ता है।
मोटापा के बारे में MedDroid से पूछें →कारण और जोखिम
- लंबे समय तक शरीर की ज़रूरत से ज़्यादा कैलोरी (ऊर्जा) लेना
- ज़्यादा चीनी, मैदा जैसे रिफ़ाइंड कार्ब्स और तला-भुना खाना
- कम शारीरिक गतिविधि और लंबे समय तक बैठे रहना
- ख़ानदानी (जेनेटिक) और हार्मोन से जुड़े कारण
- कुछ दवाइयाँ और बीमारियाँ (जैसे थायरॉइड का कम काम करना)
- नींद पूरी न होना और तनाव
आम लक्षण
- ज़्यादा वज़न और ज़्यादा BMI या कमर का नाप
- मेहनत करने पर साँस फूलना
- जोड़ों और कमर में दर्द
- थकान और ऊर्जा की कमी
- खर्राटे या नींद में ख़लल
- उदासी या आत्मविश्वास कम होना
जाँच और निदान
इलाज और देखभाल
- डाइटीशियन की मदद से संतुलित, कैलोरी-नियंत्रित खाना
- धीरे-धीरे बढ़ाई गई नियमित शारीरिक गतिविधि
- आदतों और नींद में सुधार के लिए मदद
- चुने हुए लोगों में डॉक्टर की देखरेख में वज़न घटाने की दवाइयाँ
- गंभीर मोटापे में, जब दूसरे उपाय काम न करें, बैरिएट्रिक (वज़न घटाने की) सर्जरी
तुरंत डॉक्टर को कब दिखाएँ
- डाइट और कसरत के बावजूद वज़न कम न होना
- वज़न के साथ डायबिटीज़, हाई BP या स्लीप एपनिया (Sleep Apnoea — नींद में साँस रुकना)
- साँस फूलना, सीने में दर्द या जोड़ों की गंभीर तकलीफ़
- दवा या सर्जरी से वज़न घटाने के विकल्पों के बारे में जानना हो
यह निदान नहीं है। MedDroid मोटापा के बारे में सामान्य जानकारी देता है। यह आपकी जाँच, निदान या दवा नहीं लिख सकता। हमेशा किसी योग्य डॉक्टर से पुष्टि करें। आपातकाल में तुरंत अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कितना BMI मोटापा माना जाता है?
आमतौर पर 30 या उससे ज़्यादा BMI को मोटापा और 25-30 को ज़्यादा वज़न कहा जाता है। दक्षिण एशियाई लोगों (भारतीयों) के लिए कम सीमा (लगभग 23 और 27.5 से) इस्तेमाल होती है, क्योंकि सेहत के ख़तरे कम BMI पर ही शुरू हो जाते हैं।
क्या मोटापा सिर्फ़ इच्छाशक्ति की बात है?
नहीं। जीन, हार्मोन, नींद, तनाव, दवाइयाँ और माहौल — सबकी भूमिका होती है। असरदार इलाज में खान-पान, शारीरिक गतिविधि और ज़रूरत हो तो दवा या सर्जरी की मदद शामिल होती है।