फ़ूड पॉइज़निंग (खाने से ज़हर)
डॉ. संजय अनबु, MBBS द्वारा लिखित और चिकित्सकीय रूप से समीक्षित
हिंदी अनुवाद की समीक्षा: 2026-11-05फ़ूड पॉइज़निंग (Food Poisoning) बैक्टीरिया, वायरस या उनके ज़हर (टॉक्सिन) से दूषित खाना या पानी खाने-पीने से होने वाली बीमारी है। इसमें आमतौर पर उल्टी और दस्त होते हैं जो कुछ दिनों में ठीक हो जाते हैं।
फ़ूड पॉइज़निंग के बारे में MedDroid से पूछें →कारण और जोखिम
- बैक्टीरिया जैसे Salmonella, E. coli या Campylobacter
- वायरस जैसे नोरोवायरस (Norovirus) और रोटावायरस (Rotavirus)
- बहुत देर तक बाहर रखे खाने में बने ज़हर (टॉक्सिन)
- दूषित या बिना साफ किया हुआ पानी
- हाथों और रसोई की सफ़ाई में कमी
आम लक्षण
जाँच और निदान
- आमतौर पर कोई जांच नहीं — लक्षणों से ही निदान
- लक्षण गंभीर हों या लंबे चलें तो मल की जांच (Stool test)
- CBC (अगर तबीयत ज़्यादा खराब हो)
- इलेक्ट्रोलाइट्स (Electrolytes) — अगर पानी की कमी हो
इलाज और देखभाल
- आराम करें और पानी की कमी से बचने के लिए खूब तरल पिएं
- खोए हुए नमक और पानी की भरपाई के लिए ORS (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्ट)
- उल्टी रुकने पर हल्का, सादा खाना खाएं
- मल में खून या तेज़ बुखार हो तो दस्त रोकने वाली दवाइयां न लें
- एंटीबायोटिक सिर्फ खास बैक्टीरियल इन्फ़ेक्शन में, डॉक्टर की सलाह पर
तुरंत डॉक्टर को कब दिखाएँ
- पानी की कमी के लक्षण — बहुत कम पेशाब, धंसी हुई आंखें, बहुत ज़्यादा प्यास
- उल्टी या मल में खून
- तेज़ बुखार या कुछ दिनों से ज़्यादा दस्त
- बच्चे, बुज़ुर्ग या गर्भवती महिला में लक्षण, या कोई बहुत ज़्यादा बीमार हो
यह निदान नहीं है। MedDroid फ़ूड पॉइज़निंग के बारे में सामान्य जानकारी देता है। यह आपकी जाँच, निदान या दवा नहीं लिख सकता। हमेशा किसी योग्य डॉक्टर से पुष्टि करें। आपातकाल में तुरंत अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
फ़ूड पॉइज़निंग कितने दिन रहती है?
ज़्यादातर मामले 1-3 दिन में ठीक हो जाते हैं। अगर पानी या तरल पेट में न टिके, पानी की कमी हो जाए, मल में खून आए या तेज़ बुखार हो तो डॉक्टर को दिखाएं।
क्या फ़ूड पॉइज़निंग में एंटीबायोटिक लेनी चाहिए?
आमतौर पर नहीं — ज़्यादातर मामले वायरस से होते हैं या अपने आप ठीक हो जाते हैं। एंटीबायोटिक सिर्फ कुछ खास बैक्टीरियल इन्फ़ेक्शन के लिए होती है और डॉक्टर के लिखने पर ही लेनी चाहिए। शरीर में पानी की भरपाई ही मुख्य इलाज है।