एंडोमेट्रियोसिस
डॉ. संजय अनबु, MBBS द्वारा लिखित और चिकित्सकीय रूप से समीक्षित
हिंदी अनुवाद की समीक्षा: 2026-11-05एंडोमेट्रियोसिस (Endometriosis) में बच्चेदानी की अंदरूनी परत जैसा टिशू बच्चेदानी के बाहर बढ़ने लगता है, जिससे दर्द होता है और कभी-कभी गर्भ ठहरने में दिक्कत आती है। यह आम है और अक्सर इसकी पहचान देर से होती है।
एंडोमेट्रियोसिस के बारे में MedDroid से पूछें →कारण और जोखिम
- सही कारण पता नहीं है
- पीरियड्स का खून/टिशू उल्टा पेडू में चला जाना (एक मुख्य सिद्धांत)
- खानदानी झुकाव — यह परिवार में चल सकता है
- रोग-प्रतिरोधक तंत्र (इम्यून सिस्टम) में अंतर
- हार्मोन (ईस्ट्रोजन) इस टिशू को बढ़ाता है
आम लक्षण
- लंबे समय तक पेडू में दर्द
- पीरियड्स में बहुत तेज़ दर्द
- संबंध के दौरान या बाद में दर्द
- पीरियड्स के दौरान पेशाब करते समय दर्द
- पीरियड्स के दौरान मल त्याग में दर्द
- गर्भ ठहरने में दिक्कत
- थकान
जाँच और निदान
- पेडू का अल्ट्रासाउंड (Pelvic ultrasound)
- MRI स्कैन
- लैप्रोस्कोपी (Laparoscopy — छोटे छेद से अंदर देखना)
- कम्प्लीट ब्लड काउंट (CBC)
इलाज और देखभाल
- सूजन कम करने वाली दवाओं से दर्द में राहत
- पीरियड्स को कम करने या रोकने वाले हार्मोन इलाज
- दूरबीन (कीहोल) सर्जरी से एंडोमेट्रियोसिस टिशू निकालना
- गर्भ धारण की कोशिश कर रही हों तो फ़र्टिलिटी सहायता
- लगातार लक्षणों के लिए पेडू की फ़िज़ियोथेरेपी और दर्द प्रबंधन में मदद
तुरंत डॉक्टर को कब दिखाएँ
- पीरियड्स या पेडू का दर्द जो रोज़ की ज़िंदगी में रुकावट डाले
- संबंध के दौरान या पेशाब/मल त्याग करते समय दर्द
- एक साल कोशिश के बाद भी गर्भ न ठहरना
- आम दर्द की दवाओं से लक्षण काबू में न आना
यह निदान नहीं है। MedDroid एंडोमेट्रियोसिस के बारे में सामान्य जानकारी देता है। यह आपकी जाँच, निदान या दवा नहीं लिख सकता। हमेशा किसी योग्य डॉक्टर से पुष्टि करें। आपातकाल में तुरंत अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या एंडोमेट्रियोसिस से गर्भ ठहरने पर असर पड़ता है?
इससे गर्भ ठहरना मुश्किल हो सकता है, लेकिन एंडोमेट्रियोसिस वाली कई महिलाएं गर्भवती होती हैं, कभी-कभी इलाज की मदद से। अपनी योजना के बारे में जल्दी ही स्त्री रोग विशेषज्ञ से बात करें।
इसकी पहचान में इतना समय क्यों लगता है?
इसके लक्षण सामान्य पीरियड्स के दर्द जैसे लगते हैं, और पक्का करने के लिए अक्सर स्कैन या दूरबीन सर्जरी की ज़रूरत होती है। लक्षणों की डायरी रखना और जांच के लिए ज़ोर देना जल्दी पहचान में मदद करता है।