रूमेटाइड अर्थराइटिस (गठिया)
डॉ. संजय अनबु, MBBS द्वारा लिखित और चिकित्सकीय रूप से समीक्षित
हिंदी अनुवाद की समीक्षा: 2026-11-05रूमेटाइड अर्थराइटिस (Rheumatoid Arthritis) एक ऑटोइम्यून (Autoimmune) बीमारी है, जिसमें शरीर की रोग-प्रतिरोधक शक्ति (इम्यून सिस्टम) ही जोड़ों पर हमला करती है, जिससे सूजन, दर्द और जलन होती है। यह अक्सर शरीर के दोनों तरफ़ के जोड़ों को प्रभावित करती है।
रूमेटाइड अर्थराइटिस के बारे में MedDroid से पूछें →कारण और जोखिम
- ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया (इम्यून सिस्टम जोड़ों पर हमला करता है)
- जेनेटिक (खानदानी) झुकाव
- धूम्रपान (स्मोकिंग)
- हार्मोन से जुड़े कारण, महिलाओं में ज़्यादा आम
- संवेदनशील लोगों में आसपास के माहौल से जुड़े ट्रिगर
आम लक्षण
- जोड़ों में दर्द और सूजन (अक्सर हाथ और पैर)
- सुबह की अकड़न जो एक घंटे से ज़्यादा रहे
- दोनों तरफ़ के जोड़ों में एक जैसी तकलीफ़
- थकान
- हल्का बुखार
- त्वचा के नीचे सख़्त गाँठें (नोड्यूल)
जाँच और निदान
- Rheumatoid factor (RF)
- Anti-CCP antibody
- ESR
- CRP
- CBC (खून की पूरी जाँच)
- X-ray (एक्स-रे)
इलाज और देखभाल
- डॉक्टर द्वारा लिखी बीमारी को काबू करने वाली दवाएँ (DMARDs)
- सूजन और दर्द कम करने की दवाएँ
- जोड़ों की हरकत बनाए रखने के लिए फिज़ियोथेरेपी
- बीमारी कितनी सक्रिय है, इसकी नियमित जाँच
- जीवनशैली में बदलाव जैसे धूम्रपान छोड़ना
- चुने हुए मामलों में बायोलॉजिक (Biologic) इलाज
तुरंत डॉक्टर को कब दिखाएँ
- दोनों तरफ़ के जोड़ों में लगातार दर्द और सूजन
- सुबह की अकड़न जो एक घंटे से ज़्यादा रहे
- समय के साथ जोड़ों का टेढ़ा होना
- जोड़ों के दर्द के साथ नया बुखार या तबीयत ठीक न लगना
यह निदान नहीं है। MedDroid रूमेटाइड अर्थराइटिस के बारे में सामान्य जानकारी देता है। यह आपकी जाँच, निदान या दवा नहीं लिख सकता। हमेशा किसी योग्य डॉक्टर से पुष्टि करें। आपातकाल में तुरंत अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
रूमेटाइड अर्थराइटिस, ऑस्टियोआर्थराइटिस से कैसे अलग है?
रूमेटाइड अर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है जो सूजन करती है और अक्सर शरीर के दोनों तरफ़ एक जैसी होती है, जबकि ऑस्टियोआर्थराइटिस (Osteoarthritis) उम्र के साथ जोड़ों की गद्दी (कार्टिलेज) का घिसना है।
क्या रूमेटाइड अर्थराइटिस पूरी तरह ठीक हो सकता है?
अभी तक इसका पूरा इलाज नहीं है, लेकिन जल्दी शुरू किए गए आधुनिक दवाओं के इलाज से बीमारी काबू में रहती है, लक्षण कम होते हैं और जोड़ों को नुकसान से बचाया जा सकता है।