फ़िशर (गुदा में दरार)
डॉ. संजय अनबु, MBBS द्वारा लिखित और चिकित्सकीय रूप से समीक्षित
हिंदी अनुवाद की समीक्षा: 2026-11-05एनल फ़िशर (Anal Fissure) मलद्वार की अंदरूनी परत में एक छोटी सी दरार (कट) है, जो आमतौर पर सख़्त मल निकलने से होती है। इसमें शौच के समय तेज़ दर्द और थोड़ा ख़ून आता है।
फ़िशर के बारे में MedDroid से पूछें →कारण और जोखिम
- बड़ा या सख़्त मल निकलना (कब्ज़)
- लंबे समय तक दस्त
- डिलीवरी (प्रसव) के समय ज़ोर लगाना
- गुदा की मांसपेशियों का कसा होना
- आँतों की सूजन की बीमारी (Inflammatory Bowel Disease) — कम मामलों में
आम लक्षण
- शौच के समय और बाद में तेज़ दर्द
- टॉयलेट पेपर पर या मल पर चमकीला लाल ख़ून
- बाद में जलन या कुरेदने जैसा दर्द
- गुदा के आसपास खुजली
- दिखाई देने वाली छोटी दरार या त्वचा का छोटा मस्सा (Skin Tag)
जाँच और निदान
- मलद्वार की हल्की जांच
- आमतौर पर किसी और जांच की ज़रूरत नहीं होती
- कारण साफ़ न हो तो प्रोक्टोस्कोपी (Proctoscopy) या कोलोनोस्कोपी (Colonoscopy)
- ख़ून ज़्यादा आ रहा हो तो CBC
इलाज और देखभाल
- ज़्यादा फ़ाइबर, पानी और ज़रूरत हो तो मल नरम करने वाली दवा (Stool Softener) से मल नरम रखें
- मांसपेशी को ढीला करने और दर्द कम करने के लिए गुनगुने पानी में बैठना (सिट्ज़ बाथ)
- गुदा की मांसपेशी को ढीला करने और ख़ून का बहाव बढ़ाने वाली क्रीम
- ज़ोर लगाने और टॉयलेट पर देर तक बैठने से बचें
- जो फ़िशर ठीक न हो, उसके लिए छोटी सर्जरी या Botox
तुरंत डॉक्टर को कब दिखाएँ
- दर्द या ख़ून जो कुछ हफ़्तों में ठीक न हो
- ज़्यादा ख़ून आना या मल में मिला गहरा ख़ून
- शौच की आदत में बदलाव या बिना वजह वज़न घटना
- बुख़ार या मवाद जैसा रिसाव, जो इन्फ़ेक्शन का इशारा हो
यह निदान नहीं है। MedDroid फ़िशर के बारे में सामान्य जानकारी देता है। यह आपकी जाँच, निदान या दवा नहीं लिख सकता। हमेशा किसी योग्य डॉक्टर से पुष्टि करें। आपातकाल में तुरंत अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
एनल फ़िशर ठीक होने में कितना समय लगता है?
मल नरम रखने और ज़ोर न लगाने से ज़्यादातर फ़िशर कुछ हफ़्तों में ठीक हो जाते हैं। 6-8 हफ़्ते से ज़्यादा रहने वाले फ़िशर को क्रॉनिक (पुराना) कहते हैं, और इसमें किसी प्रक्रिया की ज़रूरत पड़ सकती है।
क्या फ़िशर और बवासीर एक ही चीज़ है?
नहीं। फ़िशर एक दरार है जिससे शौच के समय तेज़ दर्द होता है; बवासीर सूजी हुई ख़ून की नसें हैं जिनमें ज़्यादातर खुजली होती है या बिना दर्द के ख़ून आता है। दोनों एक साथ भी हो सकते हैं।