पीलिया (Jaundice)
डॉ. संजय अनबु, MBBS द्वारा लिखित और चिकित्सकीय रूप से समीक्षित
हिंदी अनुवाद की समीक्षा: 2026-11-05पीलिया (Jaundice) में त्वचा और आँखों का सफ़ेद हिस्सा पीला हो जाता है, क्योंकि शरीर में बिलीरुबिन (Bilirubin) जमा हो जाता है। यह लिवर, ख़ून या पित्त की नलियों में किसी अंदरूनी समस्या का संकेत है।
पीलिया के बारे में MedDroid से पूछें →कारण और जोखिम
- लिवर की बीमारी — हेपेटाइटिस (Hepatitis), सिरोसिस (Cirrhosis), फ़ैटी लिवर
- पित्त की नली में रुकावट — पथरी (Gallstones) या गांठ (ट्यूमर)
- लाल रक्त कोशिकाओं का तेज़ी से टूटना (Haemolysis)
- कुछ दवाइयाँ और इन्फ़ेक्शन
- नवजात शिशु का पीलिया (बच्चों में होने वाली आम, अलग स्थिति)
आम लक्षण
- त्वचा और आँखों का सफ़ेद हिस्सा पीला होना
- गहरे रंग का पेशाब और हल्के रंग का मल
- त्वचा में खुजली
- थकान
- पेट दर्द, कारण पर निर्भर
- इन्फ़ेक्शन हो तो बुख़ार
जाँच और निदान
- बिलीरुबिन (Bilirubin)
- LFT (लिवर फ़ंक्शन टेस्ट)
- CBC
- लिवर और पित्त की नली का अल्ट्रासाउंड
- हेपेटाइटिस की जांच और ज़रूरत हो तो आगे की इमेजिंग (MRCP)
इलाज और देखभाल
- सिर्फ़ पीलेपन का नहीं, असली कारण का इलाज
- पित्त की रुकी नली खोलना — एंडोस्कोपी (ERCP) या सर्जरी
- हेपेटाइटिस का इलाज या पीलिया करने वाली दवा बंद करना
- पानी भरपूर पिएँ और शराब से बचें
- नवजात शिशु के पीलिया में फ़ोटोथेरेपी (रोशनी से इलाज) की ज़रूरत पड़ सकती है
तुरंत डॉक्टर को कब दिखाएँ
- आँखों या त्वचा में नया पीलापन — जल्दी से जल्दी जांच कराएँ
- पीलिया के साथ तेज़ बुख़ार, कंपकंपी या पेट में तेज़ दर्द
- उलझन, ज़्यादा नींद आना या आसानी से नील पड़ना
- नवजात शिशु में पीलिया
यह निदान नहीं है। MedDroid पीलिया के बारे में सामान्य जानकारी देता है। यह आपकी जाँच, निदान या दवा नहीं लिख सकता। हमेशा किसी योग्य डॉक्टर से पुष्टि करें। आपातकाल में तुरंत अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या पीलिया एक बीमारी है?
नहीं — यह एक संकेत है, बीमारी नहीं। इसका मतलब है कि बिलीरुबिन जमा हो गया है, इसलिए सबसे ज़रूरी है लिवर, ख़ून या पित्त की नलियों में असली कारण ढूँढ़ना और उसका इलाज करना।
क्या पीलिया छूत से फैलता है?
पीलिया अपने आप में छूत की बीमारी नहीं है, लेकिन इसके कुछ कारण, जैसे वायरल हेपेटाइटिस A, B या C, फैल सकते हैं। जांच से कारण पता चलता है और यह भी कि सावधानी की ज़रूरत है या नहीं।