एलर्जिक राइनाइटिस (नाक की एलर्जी / हे फीवर)
डॉ. संजय अनबु, MBBS द्वारा लिखित और चिकित्सकीय रूप से समीक्षित
हिंदी अनुवाद की समीक्षा: 2026-11-05एलर्जिक राइनाइटिस (Allergic Rhinitis) नाक की सूजन है, जो पराग (पोलन), धूल या पालतू जानवरों के बाल-रूसी जैसी चीज़ों से एलर्जी के कारण होती है। यह बहुत आम है और नींद, काम और अस्थमा (Asthma) पर असर डाल सकती है।
एलर्जिक राइनाइटिस के बारे में MedDroid से पूछें →कारण और जोखिम
- घास, पेड़ या जंगली पौधों का पराग (पोलन) — मौसमी
- धूल के कीड़े (डस्ट माइट्स) — साल भर
- पालतू जानवरों की रूसी (डैंडर) और फफूंद
- एलर्जी की प्रवृत्ति (एटॉपी), जो परिवार में चलती है
- हवा का प्रदूषण लक्षणों को बढ़ा सकता है
आम लक्षण
- छींकें आना
- नाक बहना या बंद होना
- नाक, आंख या गले में खुजली
- आंखों से पानी आना, आंखें लाल होना
- साइनस में दबाव या सिरदर्द
जाँच और निदान
- आमतौर पर लक्षणों और हिस्ट्री से पहचान होती है
- स्किन प्रिक एलर्जी टेस्ट (Skin prick test)
- स्पेसिफिक IgE ब्लड टेस्ट
- नाक की जांच
इलाज और देखभाल
- जिन चीज़ों से एलर्जी है, जहां तक हो सके उनसे बचना
- नमक वाले पानी (सलाइन) से नाक धोना
- छींक और खुजली कम करने के लिए एंटीहिस्टामिन (Antihistamine) दवाएं
- बंद और सूजी हुई नाक के लिए स्टेरॉयड नेज़ल स्प्रे (Steroid nasal spray)
- ज़िद्दी मामलों में एलर्जन इम्यूनोथेरेपी (Allergen immunotherapy)
तुरंत डॉक्टर को कब दिखाएँ
- इलाज के बावजूद लक्षण काबू में न आएं
- सीटी जैसी आवाज़ के साथ सांस लेना या सांस फूलना (अस्थमा हो सकता है) — गंभीर हो तो तुरंत
- चेहरे में दर्द और बुखार, जो साइनस इन्फेक्शन का इशारा हो
- लक्षण नींद या रोज़ के कामकाज पर बुरा असर डाल रहे हों
यह निदान नहीं है। MedDroid एलर्जिक राइनाइटिस के बारे में सामान्य जानकारी देता है। यह आपकी जाँच, निदान या दवा नहीं लिख सकता। हमेशा किसी योग्य डॉक्टर से पुष्टि करें। आपातकाल में तुरंत अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या हे फीवर और सर्दी-ज़ुकाम एक ही हैं?
नहीं। हे फीवर एक एलर्जी है जिसमें खुजली और छींकें तब तक रहती हैं जब तक आप उस चीज़ के संपर्क में रहते हैं, जबकि सर्दी-ज़ुकाम एक वायरस है जो लगभग एक हफ्ते में ठीक हो जाता है।
क्या नाक की एलर्जी से अस्थमा हो सकता है?
हां। दोनों आपस में जुड़े हैं, और नाक का इलाज करने से अक्सर अस्थमा भी बेहतर काबू में रहता है। अगर सांस में सीटी या सांस फूलने की दिक्कत भी हो तो डॉक्टर को बताएं।