बच्चों में बुखार
डॉ. संजय अनबु, MBBS द्वारा लिखित और चिकित्सकीय रूप से समीक्षित
हिंदी अनुवाद की समीक्षा: 2026-11-05बुखार इन्फेक्शन के ख़िलाफ़ शरीर की प्राकृतिक प्रतिक्रिया है और बच्चों में बहुत आम है। ज़्यादातर बुखार हल्की वायरल बीमारियों से होते हैं, लेकिन कुछ संकेतों का मतलब है कि बच्चे को डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है।
बच्चों में बुखार के बारे में MedDroid से पूछें →कारण और जोखिम
- वायरल इन्फेक्शन (सर्दी-ज़ुकाम, फ़्लू, वायरल बुखार) — सबसे आम
- कान, गले या छाती का इन्फेक्शन
- पेशाब का इन्फेक्शन
- कुछ टीकों के बाद (आमतौर पर हल्का और थोड़े समय का)
- मौसम और इलाके के हिसाब से डेंगू, टाइफ़ाइड या मलेरिया
आम लक्षण
- शरीर का तापमान बढ़ना
- शरीर गर्म लगना, चेहरा लाल होना या कंपकंपी
- थकान और दूध/खाना न लेना
- सिरदर्द (बड़े बच्चों में)
- चिड़चिड़ापन या ठीक से न सोना
- भूख कम लगना
जाँच और निदान
इलाज और देखभाल
- बच्चे को आराम से, ठंडक में रखें और पानी की कमी न होने दें
- थोड़ा-थोड़ा करके बार-बार भरपूर तरल पिलाएं
- बेचैनी के लिए बुखार कम करने की दवा दी जा सकती है — खुराक वज़न के हिसाब से होती है और डॉक्टर से पक्की करनी ज़रूरी है
- ज़्यादा कपड़े न पहनाएं और ठंडे पानी से न पोंछें
- ध्यान से नज़र रखें और हालत बिगड़े तो दोबारा दिखाएं
तुरंत डॉक्टर को कब दिखाएँ
- 3 महीने से छोटे बच्चे को कोई भी बुखार — तुरंत डॉक्टर के पास जाएं
- बच्चा सुस्त हो, ढीला पड़ जाए, बहुत चिड़चिड़ा हो या मुश्किल से जागे — तुरंत
- ऐसे दाने जो दबाने पर फीके न पड़ें, गर्दन में अकड़न या सांस लेने में दिक्कत — तुरंत
- बुखार 3-4 दिन से ज़्यादा रहे, या बच्चा पानी न पी रहा हो या पेशाब न कर रहा हो
यह निदान नहीं है। MedDroid बच्चों में बुखार के बारे में सामान्य जानकारी देता है। यह आपकी जाँच, निदान या दवा नहीं लिख सकता। हमेशा किसी योग्य डॉक्टर से पुष्टि करें। आपातकाल में तुरंत अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
कितना बुखार ख़तरनाक होता है?
थर्मामीटर की संख्या से ज़्यादा ज़रूरी है कि बच्चा कैसा दिखता और बर्ताव करता है। जो बच्चा चुस्त है, पी रहा है और खेल रहा है, वह आमतौर पर ठीक होता है; सुस्त, ढीला या बहुत बीमार दिखने वाले बच्चे को, रीडिंग चाहे जो हो, डॉक्टर को दिखाना ज़रूरी है।
क्या हमेशा बुखार की दवा देनी चाहिए?
दवा आराम देने के लिए है, संख्या को ज़बरदस्ती नीचे लाने के लिए नहीं। अगर बच्चा बहुत बेचैन हो तो डॉक्टर से पक्की की गई, वज़न के हिसाब से सही खुराक दें, और तरल व आराम पर ध्यान दें।